कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..
किसी को मनाने से पहले यह ज़रूर जान लेना कि वो तुमसे नाराज़ है कि ....परेशान....
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
यदि आप वही करते है जो आप हमेशा से करते आये है तो आप को वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है
आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है
कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..
किसी को मनाने से पहले यह ज़रूर जान लेना कि वो तुमसे नाराज़ है कि ....परेशान....
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
यदि आप वही करते है जो आप हमेशा से करते आये है तो आप को वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है
आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है