उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता
हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ
तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।
'बदलना' तय है ! हर चीज़ का.. इस संसार में...! बस कर्म अच्छे करें..
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता
हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ
तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।
'बदलना' तय है ! हर चीज़ का.. इस संसार में...! बस कर्म अच्छे करें..
आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है