आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.
गलतियाँ ढूँढना गलत नही है...!! बस शुरुआत खुद से होनी चाहिए...!!!
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.
गलतियाँ ढूँढना गलत नही है...!! बस शुरुआत खुद से होनी चाहिए...!!!
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .