बिना उत्साह के आज तक कुछ भी महान उपलब्धि हासिल नहीं की गई है |

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उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे

जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता

समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .

अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें

मुस्कुराहट एक तोहफा है..... इसका इस्तेमाल रोजना किया जाना चाहिए.।

उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे

जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता

समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .

अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें

मुस्कुराहट एक तोहफा है..... इसका इस्तेमाल रोजना किया जाना चाहिए.।