मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं
यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।
मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं
यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा..
जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।