हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."