हम भी परिंदो की तरह एक दिन उड़ेंगे लड़ना पड़े अगर रातों से तो लड़ेंगे, इस बार न कर पाए अगर मुकाम हासिल, तो दुबारा उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे।
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नही पूछनी चाहिए उसका अच्छा सा कारण यह है कि औरत कभी अपने लिए नही जीती और पुरुष कभी अपने लिए नही कमाता..
बेशक गलती भूल जाओ, मगर
जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाये, वो ही अपना है.. बाकी तो बस दुनिया है..!!
हम भी परिंदो की तरह एक दिन उड़ेंगे लड़ना पड़े अगर रातों से तो लड़ेंगे, इस बार न कर पाए अगर मुकाम हासिल, तो दुबारा उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे।
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नही पूछनी चाहिए उसका अच्छा सा कारण यह है कि औरत कभी अपने लिए नही जीती और पुरुष कभी अपने लिए नही कमाता..
बेशक गलती भूल जाओ, मगर
जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाये, वो ही अपना है.. बाकी तो बस दुनिया है..!!