जीवन की विडम्बना यह नहीं है कि आप अपने लक्ष तक नहीं पहुंचे, बल्कि यह है की पहुंचने के लिए आपके पास कोई लक्ष्य ही नहीं था.

जीवन की विडम्बना यह नहीं है कि आप अपने लक्ष तक नहीं पहुंचे, बल्कि यह है की पहुंचने के लिए आपके पास कोई लक्ष्य ही नहीं था.

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जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...

अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!

अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .

. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे

मासूमियत इतनी भी नही होनी चाहिए की लोग आपके साथ वक्त गुजारे और आप उसे म्होब्बत समझे

पहले लोगोँ ने सिखाया था कि वक्त बदल जाता है अब वक्त ने सिखा दिया कि लोग भी बदल जाते हैँ

जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...

अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!

अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .

. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे

मासूमियत इतनी भी नही होनी चाहिए की लोग आपके साथ वक्त गुजारे और आप उसे म्होब्बत समझे

पहले लोगोँ ने सिखाया था कि वक्त बदल जाता है अब वक्त ने सिखा दिया कि लोग भी बदल जाते हैँ