जीवन की विडम्बना यह नहीं है कि आप अपने लक्ष तक नहीं पहुंचे, बल्कि यह है की पहुंचने के लिए आपके पास कोई लक्ष्य ही नहीं था.

जीवन की विडम्बना यह नहीं है कि आप अपने लक्ष तक नहीं पहुंचे, बल्कि यह है की पहुंचने के लिए आपके पास कोई लक्ष्य ही नहीं था.

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मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।

“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”

जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

आपका बीता हुआ कल "कोई गलती नही होगी" अगर आप उससे कुछ सीखते है तो

महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से

मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।

“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”

जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

आपका बीता हुआ कल "कोई गलती नही होगी" अगर आप उससे कुछ सीखते है तो

महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से