अच्छे के साथ अच्छा बने पर बुरे के साथ बुरा नहीं! क्योकि... हिरे से हिरा तराशा जा सकता है, पर कीचड़ से कीचड़ साफ़ नहीं किया जा सकता!

अच्छे के साथ अच्छा बने पर बुरे के साथ बुरा नहीं! क्योकि... हिरे से हिरा तराशा जा सकता है, पर कीचड़ से कीचड़ साफ़ नहीं किया जा सकता!

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कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है

सफलता उन्ही कामो को करने से मिलती है... जिन कामो को करने में आपका मन नही लगता..

जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है

बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!

इच्छाओं का भी अपना चरित्र होता है... खुद के मन की हो तो बहुत अच्छी लगती हैं दूसरों के मन की हो तो बहुत खटकती है

जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.

कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है

सफलता उन्ही कामो को करने से मिलती है... जिन कामो को करने में आपका मन नही लगता..

जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है

बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!

इच्छाओं का भी अपना चरित्र होता है... खुद के मन की हो तो बहुत अच्छी लगती हैं दूसरों के मन की हो तो बहुत खटकती है

जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.