कई बार हम अपनी कमजोरी जानते हुए भी उसे स्वीकार नहीं करते है, और नतीजा यह होता है की वो कमजोरी हमें नुकसान पहुँचाती रहती है.

कई बार हम अपनी कमजोरी जानते हुए भी उसे स्वीकार नहीं करते है, और नतीजा यह होता है की वो कमजोरी हमें नुकसान पहुँचाती रहती है.

Share:

More Like This

कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥

प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है

" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !

भगवान से निराश कभी मत होना, संसार से आशा कभी मत करना

इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता

दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।

कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥

प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है

" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !

भगवान से निराश कभी मत होना, संसार से आशा कभी मत करना

इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता

दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों, जो तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।