कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का

कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का

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हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है, नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !

हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है, नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !