अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
आपके सामने जो दूसरों की बुराई करता है उससे यह उम्मीद मत रखिए कि वह दूसरों के सामने आपकी तारीफ करेगा
जो 'इन्सान' आपकी खुशी के लिये 'हार' मान लेता है उससे आप कभी 'जीत' नही सकते
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
"सार्वजनिक" रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत" में बताने पर "सलाह" बन जाती है...!!
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
आपके सामने जो दूसरों की बुराई करता है उससे यह उम्मीद मत रखिए कि वह दूसरों के सामने आपकी तारीफ करेगा
जो 'इन्सान' आपकी खुशी के लिये 'हार' मान लेता है उससे आप कभी 'जीत' नही सकते
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
"सार्वजनिक" रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत" में बताने पर "सलाह" बन जाती है...!!