इंतज़ार मत करो, जितना तुम सोचते हो जिंदगी उससे कही ज्यादा तेज़ी से निकल रही है.

इंतज़ार मत करो, जितना तुम सोचते हो जिंदगी उससे कही ज्यादा तेज़ी से निकल रही है.

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सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से

जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है

हो सके तो कभी किसी से जलना मत क्योंकि ऊपर वाला जिसे देता है उसे अपने खजाने में से देता है तुमसे छीन के नही देता

सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से

जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है

हो सके तो कभी किसी से जलना मत क्योंकि ऊपर वाला जिसे देता है उसे अपने खजाने में से देता है तुमसे छीन के नही देता

सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही