इंतज़ार मत करो, जितना तुम सोचते हो जिंदगी उससे कही ज्यादा तेज़ी से निकल रही है.

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कोशिश हमेशा आखरी साँस तक करनी चाहिए या तो लक्ष्य हासिल होगा या अनुभव

{ दुनिया सिर्फ..}

दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं

वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.

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वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है

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