अपने आपको किसी ना किसी काम मे व्यस्त रखो; क्योंकि व्यस्त इंसान को दुखी होने का समय नही मिलता..
अगर आपमें अहंकार है और आपको बहुत गुस्सा आता है तो ज़िन्दगी में आपको किसी और दुश्मन की कोई ज़रूरत नहीं
मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही
मुस्कुराहट एक तोहफा है..... इसका इस्तेमाल रोजना किया जाना चाहिए.।
अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!
खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...
अपने आपको किसी ना किसी काम मे व्यस्त रखो; क्योंकि व्यस्त इंसान को दुखी होने का समय नही मिलता..
अगर आपमें अहंकार है और आपको बहुत गुस्सा आता है तो ज़िन्दगी में आपको किसी और दुश्मन की कोई ज़रूरत नहीं
मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही
मुस्कुराहट एक तोहफा है..... इसका इस्तेमाल रोजना किया जाना चाहिए.।
अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!
खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...