रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी
"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"
अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है
क्वांटिटी के चक्कर में कभी ना जाएं क्योंकि नई मूंगफली के बाजार में आने से बादाम के दाम नहीं गिरते ।
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही।
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी
"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"
अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है
क्वांटिटी के चक्कर में कभी ना जाएं क्योंकि नई मूंगफली के बाजार में आने से बादाम के दाम नहीं गिरते ।
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही।