मुस्किले आसानी से हल हो सकती तो मुश्किले ना कहलाती
दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
“अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है… “अहंकार” दूसरों को झुकाकर खुश होता है, “संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो, सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है भरोसा
इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
मुस्किले आसानी से हल हो सकती तो मुश्किले ना कहलाती
दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
“अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है… “अहंकार” दूसरों को झुकाकर खुश होता है, “संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो, सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है भरोसा
इंसान की बुद्धिमानी उसके चेहरे या कपड़ो से नही होती बल्कि उसकी आदतों और बातचीत करने के तरीके से झलकती है
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।