सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
{ दुनिया सिर्फ..}
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
{ दुनिया सिर्फ..}
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है