अगर सफल होना हैं तो गुस्सा, बेइज्जती, अपमान बहुत जरूरी हैं

अगर सफल होना हैं तो गुस्सा, बेइज्जती, अपमान बहुत जरूरी हैं

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जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है..!!

विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

मन होना चाहिए किसी को याद करने का वक्त तो अपने आप ही मिल जाता है

चिंतन सदैव अकेले में किया जाए, ताकि विचार भंग होने की संभावना न रहे . पढाई में दो, गायन में तीन, यात्रा में चार और खेती में पाँच व्यक्तियों का साथ उत्तम माना गया है. इसी प्रकार युद्ध में अधिक संख्या बल का महत्व बढ़ जाता है.

जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है..!!

विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

मन होना चाहिए किसी को याद करने का वक्त तो अपने आप ही मिल जाता है

चिंतन सदैव अकेले में किया जाए, ताकि विचार भंग होने की संभावना न रहे . पढाई में दो, गायन में तीन, यात्रा में चार और खेती में पाँच व्यक्तियों का साथ उत्तम माना गया है. इसी प्रकार युद्ध में अधिक संख्या बल का महत्व बढ़ जाता है.