उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है
मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है
मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है
हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है
दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी