जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता; जब तक न पड़े हथौड़े की चोट; पत्थर भी भगवान् नहीं होता |

जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता; जब तक न पड़े हथौड़े की चोट; पत्थर भी भगवान् नहीं होता |

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बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया

आप वापस नहीं जा सकते है और शुरुवात को नही बदल सकते है, लेकिन जहां है वही से शुरू कर सकते है और अंत को बदल सकते है..

अपनी परेशानियों की वजह दूसरों को मानने से आपकी परेशानियां कभी कम नहीं हो सकती हैं।

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया

आप वापस नहीं जा सकते है और शुरुवात को नही बदल सकते है, लेकिन जहां है वही से शुरू कर सकते है और अंत को बदल सकते है..

अपनी परेशानियों की वजह दूसरों को मानने से आपकी परेशानियां कभी कम नहीं हो सकती हैं।