रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये
समय अच्छा हो तो बन जाते है सभी साथी लेकिन समय मुश्किल हो तो खुद पे भारोश रखना..
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही
रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये
समय अच्छा हो तो बन जाते है सभी साथी लेकिन समय मुश्किल हो तो खुद पे भारोश रखना..
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही