जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।
अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में साबुन का काम करती है !!
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."
जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।
अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में साबुन का काम करती है !!
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."