अच्छे काम में डर लगे तो याद रखना, यह संकेत है कि आप का काम वाकई में बहादुरी से भरा है अगर इसमें डर और रिस्क नहीं होता तो हर कोई कर लेता
खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं उन्हें यही पर सुख देना... क्योकि.. ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज ने नही..!"
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
वहाँ हो जाता है सन्नाटा एक दिन जहाँ हर वक़्त पैसा बोलता है
लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता
अच्छे काम में डर लगे तो याद रखना, यह संकेत है कि आप का काम वाकई में बहादुरी से भरा है अगर इसमें डर और रिस्क नहीं होता तो हर कोई कर लेता
खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं उन्हें यही पर सुख देना... क्योकि.. ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज ने नही..!"
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
वहाँ हो जाता है सन्नाटा एक दिन जहाँ हर वक़्त पैसा बोलता है
लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता