जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े
किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते
“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !
"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं
अगर आप किसी चीज के सपने देख सकते है तो आप उसे हासिल भी कर सकते है।
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े
किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते
“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !
"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं
अगर आप किसी चीज के सपने देख सकते है तो आप उसे हासिल भी कर सकते है।