जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
जीवन की परीक्षा में,कोई अंक नहीं मिलते हैं पर, लोग आपको हृदय से स्मरण करें तो, समझ लेना आप उतीर्ण हो गय
रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता
"एक्सपीरिंयस वो है जो आपको तब मिलता है, जब आपको वो नही मिलता है जो आप चाहते थे।"
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
जीवन की परीक्षा में,कोई अंक नहीं मिलते हैं पर, लोग आपको हृदय से स्मरण करें तो, समझ लेना आप उतीर्ण हो गय
रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता
"एक्सपीरिंयस वो है जो आपको तब मिलता है, जब आपको वो नही मिलता है जो आप चाहते थे।"