जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता; जब तक न पड़े हथौड़े की चोट; पत्थर भी भगवान् नहीं होता |

जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता; जब तक न पड़े हथौड़े की चोट; पत्थर भी भगवान् नहीं होता |

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सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना

यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है

चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़

सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना

यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है

चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़