सफलता शकल देखके कदम नही चुमती! सफलता मेहनत की दिवानी होती हे!
कमियां भले ही हज़ारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
सफलता शकल देखके कदम नही चुमती! सफलता मेहनत की दिवानी होती हे!
कमियां भले ही हज़ारों हो तुममे लेकिन खुद पर विश्वाश रखो की तुम सबसे बेहतर करने का हुनर रखते हो
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..