जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता; जब तक न पड़े हथौड़े की चोट; पत्थर भी भगवान् नहीं होता |

जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता; जब तक न पड़े हथौड़े की चोट; पत्थर भी भगवान् नहीं होता |

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हर इंसान की सोच हमसे मिले ये संभव नही, पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें यहीं हमारी सही पहचान होती है...

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

‌अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे

हर बात दिल पे लगाओगे तो रोते रह जाओगे, जो जैसा है उसके साथ वैसा बनना सीखो.

"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"

सुख भी बहुत है परेशानियां भी बहुत है जिंदगी में लाभ है तो हानियां भी बहुत है क्या हुआ जो भगवान ने थोड़े गम दे दिए भगवान की हम पर मेहरबानियां भी बहुत है!

हर इंसान की सोच हमसे मिले ये संभव नही, पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें यहीं हमारी सही पहचान होती है...

काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.

‌अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे

हर बात दिल पे लगाओगे तो रोते रह जाओगे, जो जैसा है उसके साथ वैसा बनना सीखो.

"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"

सुख भी बहुत है परेशानियां भी बहुत है जिंदगी में लाभ है तो हानियां भी बहुत है क्या हुआ जो भगवान ने थोड़े गम दे दिए भगवान की हम पर मेहरबानियां भी बहुत है!