कम्फर्ट जोन से बहार निकलिए. आप तभी आगे बढ़ कर सकते है, जब कुछ नया आजमाने को तैयार हो

कम्फर्ट जोन से बहार निकलिए. आप तभी आगे बढ़ कर सकते है, जब कुछ नया आजमाने को तैयार हो

Share:

More Like This

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको

...किसी ने क्या खूब लिखा है "वक़्त" निकालकर "बाते" कर लिया करो "अपनों से" अगर "अपने ही" न रहेंगे तो "वक़्त" का क्या करोगे....!"

कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है

विचारों को पढ़कर छोड़ देने से जीवन में कोई बदलाव नहीं आता विचार तभी बदलाव लाते हैं जब विचारों को जीवन में उतारा जाता है

एक शांत व्यक्ति का दिमाग दुनिया मे सबसे ज्यादा मजबूत होता है

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको

...किसी ने क्या खूब लिखा है "वक़्त" निकालकर "बाते" कर लिया करो "अपनों से" अगर "अपने ही" न रहेंगे तो "वक़्त" का क्या करोगे....!"

कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है

विचारों को पढ़कर छोड़ देने से जीवन में कोई बदलाव नहीं आता विचार तभी बदलाव लाते हैं जब विचारों को जीवन में उतारा जाता है

एक शांत व्यक्ति का दिमाग दुनिया मे सबसे ज्यादा मजबूत होता है