मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है
ठोकर इसलिए नहीं लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि वो तो इसलिए लगती है कि इंसान सुधर जाए .
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
कामयाबी का इंतजार करने से बेहतर है, उसके लिए कोशिश की जाए
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तो में हार जाना बेहतर है
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है
ठोकर इसलिए नहीं लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि वो तो इसलिए लगती है कि इंसान सुधर जाए .
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
कामयाबी का इंतजार करने से बेहतर है, उसके लिए कोशिश की जाए
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तो में हार जाना बेहतर है