वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
ज़िन्दगी में जो भी करना है खुदा के भरोसे और अपने दम पर कीजिए, लोगों के भरोसे पर नहीं क्योंकि, लोग कंधो पर तब ही उठाते हैं जब मिट्टी में मिलाना हो।
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
ज़िन्दगी में जो भी करना है खुदा के भरोसे और अपने दम पर कीजिए, लोगों के भरोसे पर नहीं क्योंकि, लोग कंधो पर तब ही उठाते हैं जब मिट्टी में मिलाना हो।
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.