नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
मै तुमको भूल तो जाऊं मगर छोटी सी उलझन है.. सुना है... दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है ..!
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
बहुत देर करदी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने मे ..! वोह दिल निलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हरी थी !
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
मै तुमको भूल तो जाऊं मगर छोटी सी उलझन है.. सुना है... दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है ..!
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
बहुत देर करदी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने मे ..! वोह दिल निलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हरी थी !