रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .
एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .
एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है