जब हम अपने रिश्ते के लिए वक्त नहीं निकाल पाते है तो वक्त हमारे बिच से रिश्ता निकल देता है !!

जब हम अपने रिश्ते के लिए वक्त नहीं निकाल पाते है तो वक्त हमारे बिच से रिश्ता निकल देता है !!

Share:

More Like This

"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते

किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !

"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते

किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !