माँ ने रख दी आखरी रोटी भी मेरी थाली मैं, मैं पागल फिर भी खुदा की तलाश करता हूँ |

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क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

सच्चा प्यार love you, see you कभी नहीं बोलता सच्चा प्यार तो अपना कर्तव्य निभाता है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

आज भी मै उस गली से गुजरता हु जिस गली मे तुम्हारे पैरो के निशान छूटे है।

सच्चा प्यार करने वाले ही अक्सर प्यार मे हार जाते है।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

सच्चा प्यार love you, see you कभी नहीं बोलता सच्चा प्यार तो अपना कर्तव्य निभाता है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

आज भी मै उस गली से गुजरता हु जिस गली मे तुम्हारे पैरो के निशान छूटे है।

सच्चा प्यार करने वाले ही अक्सर प्यार मे हार जाते है।