माँ ने रख दी आखरी रोटी भी मेरी थाली मैं, मैं पागल फिर भी खुदा की तलाश करता हूँ |

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तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

अगर प्यार ज़िंदगी है तो सच्चा प्यार ज़िंदगी को सवारना भी जानता है।

आज भी मै उस गली से गुजरता हु जिस गली मे तुम्हारे पैरो के निशान छूटे है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

अगर प्यार ज़िंदगी है तो सच्चा प्यार ज़िंदगी को सवारना भी जानता है।

आज भी मै उस गली से गुजरता हु जिस गली मे तुम्हारे पैरो के निशान छूटे है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।