शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

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उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ

एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले

अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।

उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ

एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले

अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।