जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
नींद आएगी तोह इस तरह सोयेंगे मुझे जगाने के लिया लोग रोयेंगे
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
नींद आएगी तोह इस तरह सोयेंगे मुझे जगाने के लिया लोग रोयेंगे
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |