तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती

तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती

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कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है

बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !

रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है

बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !

रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।