एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
ना शाखों ने जगह दी ,, ना हवाओं ने बख्शा..! मैं हूँ टुटा हुआ पत्ता. आवारा ना बनता तो क्या करता
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन, दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
ना शाखों ने जगह दी ,, ना हवाओं ने बख्शा..! मैं हूँ टुटा हुआ पत्ता. आवारा ना बनता तो क्या करता
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन, दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !