मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे. ..!
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे. ..!
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका