यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
हम भी परिंदो की तरह एक दिन उड़ेंगे लड़ना पड़े अगर रातों से तो लड़ेंगे, इस बार न कर पाए अगर मुकाम हासिल, तो दुबारा उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे।
कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं..कुछ करना पड़ता है
फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
हम भी परिंदो की तरह एक दिन उड़ेंगे लड़ना पड़े अगर रातों से तो लड़ेंगे, इस बार न कर पाए अगर मुकाम हासिल, तो दुबारा उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे।
कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं..कुछ करना पड़ता है
फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.