अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?
प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?
प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही