रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
कितना भी मुश्किल क्यूँ न हो सफ़र जिंदगी का, मोहब्बत का साथ मिले तो आसानी से कट जाता है !
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
कितना भी मुश्किल क्यूँ न हो सफ़र जिंदगी का, मोहब्बत का साथ मिले तो आसानी से कट जाता है !