किसी को क्या बताएं कितने मजबूर हैं हम, चाहा है एक तुम्हें और तुम्ही से दूर है हम

किसी को क्या बताएं कितने मजबूर हैं हम, चाहा है एक तुम्हें और तुम्ही से दूर है हम

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जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!

थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!

थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है