काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.