सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.