कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️