याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं साहब, कोई वक़्त पर लौटता नहीं हैं इसलिए घाटे मे है.
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं साहब, कोई वक़्त पर लौटता नहीं हैं इसलिए घाटे मे है.
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न