तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है, नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
खुश तो वो रहते हैं जो जिस्मो से खेलते हैं, रूह से मोहब्बत करने वालो को अक्सर तड़पते देखा है
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!
तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है, नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
खुश तो वो रहते हैं जो जिस्मो से खेलते हैं, रूह से मोहब्बत करने वालो को अक्सर तड़पते देखा है
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!