जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती

जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती

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तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.

उसका वादा भी अजीब था, कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…

समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.

उसका वादा भी अजीब था, कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…

समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...