मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...
मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...