यकीनन मुझे तलाशती हैं तेरी आँखें....ये बात अलग है,, तुम ज़ाहिर नही होने देते...
कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
यकीनन मुझे तलाशती हैं तेरी आँखें....ये बात अलग है,, तुम ज़ाहिर नही होने देते...
कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....