बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |

बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |

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इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!

"मुझे ये ‎❤ दिल‬ कि बीमारी‬ ना होती ‎अगर‬ तू इतनी ‪#‎प्यारी‬ ना होती..."

मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका

आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |

इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!

"मुझे ये ‎❤ दिल‬ कि बीमारी‬ ना होती ‎अगर‬ तू इतनी ‪#‎प्यारी‬ ना होती..."

मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका

आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |