मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

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अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये

कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..

साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...

क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।

अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....

कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं

अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये

कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..

साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...

क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।

अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....

कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं