प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ
मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ
मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.