कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना