इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
यह सोचकर हमेशा खुश रहो खुश रहो; जो था; अच्छा था जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा..
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
यह सोचकर हमेशा खुश रहो खुश रहो; जो था; अच्छा था जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा..
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....