राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।

राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।

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जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है

मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है

"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा

कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है

हर सुबह इस यकीन के साथ उठो कि मेरा आज बीते हुए कल से बेहतर होगा

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है

मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है

"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा

कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है

हर सुबह इस यकीन के साथ उठो कि मेरा आज बीते हुए कल से बेहतर होगा