पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं

पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं

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अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये

"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो

मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं

अच्छे काम में डर लगे तो याद रखना, यह संकेत है कि आप का काम वाकई में बहादुरी से भरा है अगर इसमें डर और रिस्क नहीं होता तो हर कोई कर लेता

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