भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं
हम चीजो को उस तरह से नही देखते जिस तरह से वे है बल्कि हम चीजो को उस तरह से देखते है जिस तरह के हम है।
वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म
ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हे तोङना मत क्योकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो अगर प्यास नही बुझा सकता वो आग तो बुझा सकता है।
भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं
हम चीजो को उस तरह से नही देखते जिस तरह से वे है बल्कि हम चीजो को उस तरह से देखते है जिस तरह के हम है।
वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म
ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हे तोङना मत क्योकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो अगर प्यास नही बुझा सकता वो आग तो बुझा सकता है।