खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️