मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
मुस्कुराने की अब वजह याद नहीं रहती, पाला है बड़े नाज़ से मेरे गमों ने मुझे!!
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम
मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
मुस्कुराने की अब वजह याद नहीं रहती, पाला है बड़े नाज़ से मेरे गमों ने मुझे!!
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम