सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात