मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता

मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता

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यकीनन मुझे तलाशती हैं तेरी आँखें....ये बात अलग है,, तुम ज़ाहिर नही होने देते...

बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

यकीनन मुझे तलाशती हैं तेरी आँखें....ये बात अलग है,, तुम ज़ाहिर नही होने देते...

बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये