काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

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"बात इतनी है के तुम बहुत दुर होते जा रहे हो... और हद ये है कि तुम ये मानते भी नही...."

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.

माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…

"बात इतनी है के तुम बहुत दुर होते जा रहे हो... और हद ये है कि तुम ये मानते भी नही...."

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.

माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…