जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते है

जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते है

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तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा

कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता, एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...

क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.

ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...

इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा

कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता, एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...

क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.

ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...

इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!