गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

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अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

लोग कहते है के जब कोई अपना दूर चला जाए तो तकलीफ होती है, परन्तु असली तकलीफ तोह तब होती है जब कोई अपना, पास होकर भी दूरियां बना ले !

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

लोग कहते है के जब कोई अपना दूर चला जाए तो तकलीफ होती है, परन्तु असली तकलीफ तोह तब होती है जब कोई अपना, पास होकर भी दूरियां बना ले !

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।