भुला दूंगा तुझे ज़रा सब्र तो कर, तेरी तरह मतलबी बनने में थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही।

भुला दूंगा तुझे ज़रा सब्र तो कर, तेरी तरह मतलबी बनने में थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही।

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मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!

चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते डर है कहीं कह ना दे कि ये हक्क तुम्हे किसने दिया

क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.

वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है

याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की

मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!

चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते डर है कहीं कह ना दे कि ये हक्क तुम्हे किसने दिया

क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.

वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है

याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की