ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

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बात करने से ही बात बनती है..बात ना करने से, बातें बन जाती है ..!

वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!

जो बीत गया सो बीत गया…आने वाला सुनहरा कल है वो…..मैं कैसे भुला दूँ दिल से उसे… मेरी हर मुश्किल का हल है वो

"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"

बात करने से ही बात बनती है..बात ना करने से, बातें बन जाती है ..!

वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!

जो बीत गया सो बीत गया…आने वाला सुनहरा कल है वो…..मैं कैसे भुला दूँ दिल से उसे… मेरी हर मुश्किल का हल है वो

"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"