ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है..तो मेरा लहू लेले....यू कहानिया अधूरी न लिखा कर।
चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते डर है कहीं कह ना दे कि ये हक्क तुम्हे किसने दिया
वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है
याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की
ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है..तो मेरा लहू लेले....यू कहानिया अधूरी न लिखा कर।
चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते डर है कहीं कह ना दे कि ये हक्क तुम्हे किसने दिया
वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है
याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की