कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता, बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।
हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं
मिल सके आसानी से उसकी खवाहिश किसे है, ज़िद्द तो उसकी है जो मुक्कदर में लिखा ही नहीं है
ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था
मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!
जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है
कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता, बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।
हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं
मिल सके आसानी से उसकी खवाहिश किसे है, ज़िद्द तो उसकी है जो मुक्कदर में लिखा ही नहीं है
ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था
मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!
जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है