हमारा उसका अब रिश्ता न पूछो तालुक तो है मगर टुटा हुआ है
तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास, लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको
पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
बेवजह इंतज़ार
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।
हमारा उसका अब रिश्ता न पूछो तालुक तो है मगर टुटा हुआ है
तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास, लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको
पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
बेवजह इंतज़ार
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।