ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है..तो मेरा लहू लेले....यू कहानिया अधूरी न लिखा कर।

ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है..तो मेरा लहू लेले....यू कहानिया अधूरी न लिखा कर।

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समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी

वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

शक करना गलत था पर शक बिलकुल सही था

कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता, बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

मिल सके आसानी से उसकी खवाहिश किसे है, ज़िद्द तो उसकी है जो मुक्कदर में लिखा ही नहीं है

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी

वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

शक करना गलत था पर शक बिलकुल सही था

कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता, बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

मिल सके आसानी से उसकी खवाहिश किसे है, ज़िद्द तो उसकी है जो मुक्कदर में लिखा ही नहीं है