हमारा उसका अब रिश्ता न पूछो तालुक तो है मगर टुटा हुआ है

हमारा उसका अब रिश्ता न पूछो तालुक तो है मगर टुटा हुआ है

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लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं, मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना

क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।

मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..

"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"

लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं, मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना

क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।

मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..

"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"