आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले, मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं, हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..
वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..
बात करने से ही बात बनती है..बात ना करने से, बातें बन जाती है ..!
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले, मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं, हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..
वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..
बात करने से ही बात बनती है..बात ना करने से, बातें बन जाती है ..!