लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं, मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं, मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

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ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!

मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

शक करना गलत था पर शक बिलकुल सही था

ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है

ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

मुझे फरक नहीं पड़ता,,,,अब क़समें खाओ या जहर..!!

मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

शक करना गलत था पर शक बिलकुल सही था

ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है