लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं, मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं, मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

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ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है

याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की

ज़िंदगी में मोहबत का पौधा लगाने से पहले ज़मीन परख लेना, हर एक मिटटी की फितरत में वफ़ा नहीं होती दोस्तो !!

जो बीत गया सो बीत गया…आने वाला सुनहरा कल है वो…..मैं कैसे भुला दूँ दिल से उसे… मेरी हर मुश्किल का हल है वो

वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है

ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है

याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की

ज़िंदगी में मोहबत का पौधा लगाने से पहले ज़मीन परख लेना, हर एक मिटटी की फितरत में वफ़ा नहीं होती दोस्तो !!

जो बीत गया सो बीत गया…आने वाला सुनहरा कल है वो…..मैं कैसे भुला दूँ दिल से उसे… मेरी हर मुश्किल का हल है वो

वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है