कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये

कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये

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औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं