तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

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कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ

किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है ना किस्मत मुझे जीतने दे रही है ना मैं हार मान रहा हूँ.

कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ

किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है ना किस्मत मुझे जीतने दे रही है ना मैं हार मान रहा हूँ.