तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

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दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं

अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं

अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥