जैसी DP वैसा मैं !!
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
जैसी DP वैसा मैं !!
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..