पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे