कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
इस संसार में, हर किसी को, अपने "ज्ञान" का "घमंड" हैं…परन्तु किसी को भी अपने …घमंड" का "ज्ञान" नहीं हैं
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
शेर की सवारी और शैख़ की यारी नसीब वालो को मिलती है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
इस संसार में, हर किसी को, अपने "ज्ञान" का "घमंड" हैं…परन्तु किसी को भी अपने …घमंड" का "ज्ञान" नहीं हैं